5kW Tata Solar System से साल में 9000 यूनिट बिजली! लेकिन लगाने से पहले जान लें ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड का सच

आज के समय में बिजली के बढ़ते बिल से लगभग हर घर परेशान है। खासकर गर्मियों में जब एसी, कूलर और दूसरे इलेक्ट्रिक उपकरण लगातार चलते हैं तो बिजली का बिल कई बार हजारों रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में बहुत से लोग अब अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम लगाने की सोच रहे हैं। भारत में कई कंपनियां सोलर सिस्टम बना रही हैं, लेकिन भरोसे और क्वालिटी की बात आती है तो बहुत से लोग Tata Power Solar के सोलर सिस्टम को पसंद करते हैं।

Tata 5kw on-grid solar system details

अगर आप भी अपने घर पर 5kW Tata Solar System लगाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले आपको यह समझना जरूरी है कि यह सिस्टम कितना बिजली उत्पादन करेगा, इसकी कीमत कितनी होती है, और आपको ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड में से कौन सा सिस्टम चुनना चाहिए। सही जानकारी के बिना सोलर सिस्टम लगाना कई बार महंगा भी पड़ सकता है, इसलिए इन सभी बातों को समझना बहुत जरूरी है।

5kW Tata Solar System साल में कितनी बिजली बनाता है?

सबसे पहले हर व्यक्ति का यही सवाल होता है कि 5kW का सोलर सिस्टम साल में कितनी बिजली पैदा करेगा। सामान्य परिस्थितियों में 5kW का सोलर सिस्टम एक साल में लगभग 8000 से 9000 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है।

हालांकि यह उत्पादन पूरी तरह स्थिर नहीं होता, क्योंकि सोलर पावर कई चीजों पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए आपके शहर में कितनी धूप मिलती है, मौसम कैसा रहता है, सोलर पैनल किस एंगल पर लगाए गए हैं, और आपने कौन-सी सोलर टेक्नोलॉजी के पैनल लगाए हैं। अगर आपके इलाके में धूप अच्छी रहती है और पैनल सही दिशा में लगाए गए हैं तो उत्पादन 9000 यूनिट से भी ज्यादा हो सकता है।

अगर आपके घर की सालाना बिजली खपत लगभग 8000 से 9000 यूनिट के आसपास है, तो 5kW का सोलर सिस्टम आपके लिए काफी अच्छा विकल्प माना जाता है। इससे आप अपने घर का ज्यादातर बिजली बिल कम या लगभग खत्म भी कर सकते हैं।

ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड सोलर सिस्टम का फर्क

जब भी कोई व्यक्ति सोलर सिस्टम लगवाने की सोचता है तो उसे तीन प्रकार के सिस्टम के विकल्प मिलते हैं – ऑन-ग्रिड, ऑफ-ग्रिड और हाइब्रिड। इन तीनों का काम करने का तरीका अलग होता है और कीमत भी अलग होती है।

ऑन-ग्रिड सिस्टम सीधे बिजली के सरकारी ग्रिड से जुड़ा होता है। जब सोलर पैनल बिजली बनाते हैं तो पहले घर का लोड चलता है और बची हुई बिजली ग्रिड में चली जाती है। अगर कभी सोलर पावर कम बनती है तो ग्रिड से बिजली मिल जाती है। यही कारण है कि ऑन-ग्रिड सिस्टम में बैटरी की जरूरत नहीं होती और इसकी कीमत भी कम रहती है।

ऑफ-ग्रिड सिस्टम पूरी तरह बैटरी पर आधारित होता है। इसमें सोलर पैनल दिन में बैटरी चार्ज करते हैं और रात में वही बैटरी बिजली देती है। ऐसे सिस्टम उन जगहों के लिए अच्छे होते हैं जहां बिजली कटौती ज्यादा होती है।

हाइब्रिड सिस्टम इन दोनों का मिश्रण होता है। इसमें बैटरी भी होती है और ग्रिड कनेक्शन भी होता है। इसलिए इसकी कीमत सबसे ज्यादा होती है लेकिन बिजली कटौती के समय यह सबसे भरोसेमंद माना जाता है।

5kW Tata Solar System की कीमत और सब्सिडी

अगर कीमत की बात करें तो 5kW का ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम आमतौर पर लगभग ₹3,00,000 से ₹3,15,000 के बीच इंस्टॉल हो सकता है। इसमें सोलर पैनल, ऑन-ग्रिड इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग और इंस्टॉलेशन जैसी सभी चीजें शामिल होती हैं।

सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत 3kW से ऊपर के सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक सब्सिडी मिल सकती है। इस सब्सिडी के बाद 5kW सिस्टम की वास्तविक लागत लगभग ₹2.20 लाख से ₹2.35 लाख तक आ सकती है।

सोलर सिस्टमअनुमानित कीमतसब्सिडीअंतिम लागत
5kW On-Grid Solar System₹3,00,000 – ₹3,15,000₹78,000₹2,20,000 – ₹2,35,000

ध्यान रखने वाली बात यह है कि सब्सिडी पाने के लिए आपको DCR (Domestic Content Requirement) वाले सोलर पैनल लगाने पड़ते हैं। इसका मतलब है कि पैनल और उनके सेल भारत में बने होने चाहिए। यही कारण है कि बहुत से लोग Tata के DCR पैनल चुनते हैं।

5kW सोलर सिस्टम से घर में क्या-क्या चला सकते हैं?

अब सवाल आता है कि 5kW सोलर सिस्टम लगाने के बाद घर में कौन-कौन से उपकरण चलाए जा सकते हैं। सामान्य तौर पर यह सिस्टम एक मध्यम आकार के घर के लिए काफी होता है।

इससे आप लगभग 5-6 सीलिंग फैन, 7-8 LED बल्ब, एक फ्रिज, वाशिंग मशीन, 1 एयर कंडीशनर, टीवी, लैपटॉप और दूसरे छोटे उपकरण आराम से चला सकते हैं। अगर दिन में धूप अच्छी है और बाकी उपकरण कम चल रहे हैं तो कभी-कभी दो छोटे एसी भी चलाए जा सकते हैं, लेकिन सामान्य स्थिति में एक एसी के साथ अन्य उपकरण चलाना बेहतर माना जाता है।

5kW सिस्टम उन परिवारों के लिए खास तौर पर अच्छा माना जाता है जिनके घर में एक एसी और सामान्य घरेलू उपकरण चलते हैं। इससे बिजली का बिल काफी कम हो सकता है और कई मामलों में लगभग शून्य भी हो जाता है।

अंत में यही कहा जा सकता है कि अगर आपके इलाके में बिजली कटौती कम होती है और आप सरकारी सब्सिडी लेना चाहते हैं तो ऑन-ग्रिड सिस्टम सबसे किफायती विकल्प है। लेकिन अगर आपके इलाके में बार-बार बिजली जाती है तो हाइब्रिड या ऑफ-ग्रिड सिस्टम ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है। सही कंपनी, सही सिस्टम और सही इंस्टॉलेशन के साथ 5kW Tata Solar System आपके घर को कई सालों तक सस्ती और साफ बिजली दे सकता है। 

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